KAHANI-बेटों वाली अम्मा baton wali amma

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(कहानी )बेटों वाली अम्मा (kahani)

उफ़ इस बार की गर्मी तो लगता है | जान लेकर जाएगी सुनीता अपने घर के कामो को करते -करते बड़बड़ा रही थी | सुबह से रात हो जाती है पर ये काम पीछा नहीं छोड़ते कितनी जिम्मेदारिया होती है एक औरत के ऊपर पति ,बच्चे ,मेहमान सबको ही तो देखना होता है | ये सब सोचते -सोचते यकायक उसे बाहर से  एक आवाज सुनाई दी | आम ले लो मीठे -मीठे ,पीले -पीले ,ताजे -ताजे सुनीता को एकदम याद आया कि आज या कल उसका पांच साल का बेटा आम खाने की जिद कर रहा था | वह दौड़ते -दौड़ते आँगन मे गई और वही से चिल्लाई | ओ अम्मा रुको ,यहाँ आओ ,अम्मा ने भी अपनी बूढी  हड़ियो को मजबूत करते हुए जल्दी -जल्दी पैर बढ़ाया | सुनीता ,अम्मा आम कैसे दिए | अम्मा ने काँपते हाथो से टोकरी नीचे रखी | और धोती के एक छोर से अपना पसीना पोछा ,शायद पैरों की तेज़ रफ़्तार ने अम्मा को थका दिया था | अम्मा के चेहरे पर झुर्रिया जिंदगी की कहानी बयाँ कर रही थी | पैरों कि पुरानी घिसी चप्पल  बोल रही हो और कितना चलोगी अम्मा | मैं कल्पनाओं के भँवर मै ही थी |  तभी अम्मा की आवाज मेरे कानो मे पड़ी | बिटियाँ  ओ बिटियाँ ,क्या सोच रही हो मेरे आमो मै तुझे कोई कमी नजर नहीं आएगी | मैने सर हिलाते हुए कहाँ ये बात नही है, अम्मा गर्मी बहुत है | क्या आपको पानी पिला दूँ  ?अम्मा के चेहरे पर एक खुशी झलक पड़ी | हाँ बिटिया ले आ ,मैने अम्मा को पानी का गिलास दिया | और पूछा  अम्मा मैने आपको यहाँ पहली बार देखा है |  हाँ बिटियाँ मै इस मौहल्ले मे  एक हफ्ते से ही  आम बेचने आई हूँ अम्मा  ,अकेली रहती हो और कितने बच्चे है आपके ?  अम्मा के चेहरे मे एक चमक सी आ गई |  दो बेटे है मेरे, दोनों ही  अपना -अपना काम  करते  है और दोनों के दो -दो बच्चे है | ईश्वर सब को  बनाए रखे |   अम्मा ने  एक गहरी सांस ली फिर अम्मा ,आप को क्या जरुरत है फल बेचने की | आप तो अपने बच्चो के पास ही रहती होगी | अम्मा की आँखों मे पानी भर आया जिसे अम्मा ने झट से पोंछ दिया नही बिटिया अकेली रहती हूँ | बच्चे बहुत छोटे थे तभी पति का साया सिर से उठ गया | छोटा -मोटा काम करके बच्चो को पढ़ाया ,काम -धंधा  सिखाया जैसे -तैसे शादी भी करी | पर आजकल कितनी मॅहगाई है बच्चे कहाँ तक इस बुढ़िया का बोझ ढ़ोते उनके ऊपर पहले ही कितनी जिम्मेदारिया है | फिर मै बुढ़िया क्यो उन पर बोझ बनती |  आ जाते है  कभी -कभी मिलने मुझे |  बड़ा सकून मिलता उस वक्त अम्मा कि ये सब बात सुनकर मेरा मन भावुक हो गया | मैने अम्मा से आम लिए अम्मा का टोकरा सिर पर रखवाया | अम्मा ने मुझे आशीष दिया भगवान तुझ को  बेटा दे और खुश रहे | मै अम्मा को दूर तलक जाते हुँए देखती रही और ये सोचती रही कि अम्मा  ने जो आशीष मुझे दिया है |  क्या वो सच मे दुआ है ? अगर ऐसा ही होता तो अम्मा के तो दो बेटे है फिर भी अकेली  यह सोचकर मन भर आया और  मै आम लेकर अंदर चली आई |